Abstract

मां मेरी मैय्या मेरी,
रख जन्म से आंचल तले।
स्तन से पोषण, ही तू करना,
मैय्या मोरी मां मेरी ।
जन्म लेते ही मिले
धारा अमृत की हमें,
त्रुप्ति संतुष्टी मिले
जन्म से हमें पेट से,
अपने सदा चिपका रखे,
गर्म सांसों मे तेरे, नन्ही सी जां पलती रहे।
ना मधु ना तीर्थ,
देना, पहले मां का दूध हमें, ये करे जीवन की रक्षा,
संजीवनि है हमें,
तू पिलाये दूध मुझे
चाहे देखे कोई इसे,
बंद ना करना कभी माँ
रोकना ना तुम इसे।
आंधी तूफ़ान जो भी आए,
रास्ते चाहे रुकाए,
कदम ना पीछे हटाना,
दूध ना हमसे छुड़ाना,
जाओगे तुम भी जहां
हमको कभी ना छोड़ना,
दूध ना हमसे छुड़ाना।
जब कहो जब भी कहो,
दूध हमें ज़रूर दो,
दूध हमें मां शक्ती दे,
त्रुप्ति दे संतुष्टि दे।
मां मेरी मैय्या मेरी,
रख जन्म से आंचल तले।
स्तन से पोषण, ही तू करना,
मैय्या मोरी मां मेरी।
जन्म लेते ही मिले
धारा अमृत की हमें,
त्रुप्ति संतुष्टि मिले।
बढने दो भरपूर मुझे, दिल में मुझे समा रखो
मां के दूध में, है वो शक्ती,
गर्व से मुझे कहने दो।
मां का दूध ही पीते हैं हम,
गर्व से मुझे कहने दो।
Original Lyrics in Telugu: Vijayanand Jamalpuri
Hindi Translation: Satish Srivastava and Ramesh Jamalpuri
